GARUDA GAMANA VRISHABHA VAHANA AFTER PUSHPA MOVIE

 

GARUDA GAMANA VRISHABHA VAHANA AFTER PUSHPA MOVIE


KGF एक ऐसा फ्रेंड है जिसे किसी इंट्रोडक्शन की जरूरत नहीं है। एक अलग टाइप का सिनेमा रियालिटी को भूलने को मजबूर कर देता है और एक नकली दुनिया को रियालिटी में बदल देता है। पर अब गुड न्यूज़ यह है कि उसी कनाडा फिल्म इंडस्ट्री से एक और धमाका हुआ है जिसमें इंडियन सिनेमा में क्राइम पिलर बनाने और देखने दोनों का तरीका हमेशा हमेशा के लिए बदल दिया है।



GARUDA GAMANA ऋषभ आवाहन है जिसका इंतजार हर उस सिनेमा लवर को कई सालों से है जो हॉलीवुड की क्राईम ड्रामा देख कर थक चुका है और अपने इंडिया में क्वालिटी सिनेमा देखना चाहता है। एक होती है मांस पर इसमें दिमाग नहीं दिल से काम लिया जाता है। फिर आती है क्लास जिसमें दिल को छुट्टी पर भेज का दिमाग का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन फिर आती है मास्टरपीस, जिसमें मास्टरक्लास दोनों का ध्यान रखा जाता है। पहले तो इस टाइटल का मीनिंग समझ लो आप जिसका डायरेक्ट कनेक्शन माइथोलॉजी से शुरू वाले दो शब्द GARUDA GAMANA इस्तेमाल किए जाते हैं। विष्णु जी के लिए जिनको यूनिवर्स का प्रोटेक्टर कहा जाता है।

 यह गुड और युगल दोनों के बीच में बैलेंस बनाकर रखते हैं। बाद वाले वृशबा बहाना यह सिग्नीफायर करते हैं शिवा को। गुस्सा इतना खतरनाक है जो पूरी दुनिया को खत्म कर सकता है इसलिए उनको डिस्टर्ब भी कहा जाता है। अब आ जाओ कहानी 1 क्रिमिनल बैकग्राउंड घूमती है, जिसकी शुरुआत हुई थी। 2 लोगों से एक हरी तो दूसरा शिवा दोनों बचपन के दोस्त हैं। पर अब मंगलुरू शहर पर राज करते हैं।


GARUDA GAMANA AFTER PUSHPA MOVIE


क्राइम को रोकना किसका काम है पुलिस का। लेकिन यहां इस शहर में पुलिस की इज्जत है। डबल जीरो पुलिसिया दूसरों की नहीं बल्कि खुद की जान बचाती है। हरीश भाकर गैंग से इनमें से जो हरि है उसकी कहानी काफी सिंपल है। छोटे शहर में बड़े सपने देखने वाला मामूली सा लड़का जो क्राइम की दुनिया में घुसता है और धीरे-धीरे मोस्ट वांटेड गैंगस्टर बन जाता है। लेकिन जो दूसरा वाला है, शिवा भूत की तरह है। कहां से आया कब आया कोई नहीं जानता। बस एक कुएं में उसकी लाश मिली थी बचपन में। लेकिन जैसे इसको बाहर निकाला जैसे मानो डेड बॉडी में दोबारा जाना दी।


 बस यूं समझ लो भगवान भी शायद उसको अपने पास बुलाने से डर रहे थे और मौत के बाद भी उसको जिंदा छोड़ना उनकी मजबूरी बन गया। शिवा के खास बात और है। यह भी इंसान का शिकार करता है। उसकी जान लेने के बाद बड़े मर्जी से उसके पैरों में पहने हुए जूते चप्पल को खुद। उनके घर वापस जाता है। उसके लिए एग्जाम के बाद जीती गई किसी ट्रॉफी की तरह है। अब माइथोलॉजी में जो त्रिदेव है ब्रह्मा विष्णु महेश उनमें से दो तो यहां मिल गए, लेकिन तीसरे ब्रह्मा उनकी एंट्री होती है। थोड़ी सी लेट लेकिन पूरे शहर की तस्वीर बदल देता है।


AFTER PUSHPA MOVIE GARUDA GAMANA 


 यह बंदा मिली है। शहर के नए इंस्पेक्टर साहब से तो बिल्कुल भी इस एरिया में आने के लिए तैयार नहीं थे। लेकिन पॉलिटिकल मजबूरी के आगे इन को झुकना पड़ा और अब हरीश भाई से पंगा लेने के लिए दो और डाई वाला मामला बन चुका है। अगर वह बच गए तो यह मरेंगे साथ में इनका परिवार बाय वन गेट वन की तरह फ्री मरेगा, लेकिन हमको जीना है तो हरी सेवा दोनों का नाम बेंगलुरु तीसरी से मिटाना पड़ेगा। वो भी तब जब शहर की पुलिस इनके नाम से थरथर कहां पर है। अब आप बताओ आज तक ब्रह्मा विष्णु महेश के बहुत सारे किस्से सुने होंगे। अपने एक दुनिया को बनाता है। दूसरा बचाता है तो तीसरा वक्त आने पर डिस्ट्रॉय कर देता है।


 लेकिन यह तीनों आपस में टकरा जाए तो फिर एंड में जीत आखिर होगी। किसकी और हारेगा कौन यह सवाल आपके दिमाग में आया। कभी नहीं ना। मैंने ऊपर बोला था मास मैथ क्लास वही चीज उनकी खासियत है। नॉर्मल मार धार वाला क्राइम रामा नहीं है। यहां लगाना पड़ेगा। आपको ढेर सारा दिमाग सच बोलूं तो जिस लेवल की राइटिंग और डायरेक्शन है उनका अगर सिर्फ कनाडा ऑडियंस नहीं बल्कि पैनइंडिया उनकी तरफ को रिलीज किया जाता तो बहुत KGF का रिकॉर्ड खतरे में आ जाता। हंड्रेड परसेंट पूरे ढाई घंटे ऐसा लगा जैसे कोई आप लाइव सीसीटीवी फुटेज देख रहे हो। क्रिमिनल का इतनी जबरदस्त नेशनल नकली कहानी को भी असली बना दे।


 सेलिब्रेशन परफॉर्मेंस शिवा का जब वह अपने शिकार को जान से मार डालता है। यह सच में लॉर्ड शिवा के तांडव की कहानियों की याद दिला देता है। उस फील नहीं हुए तो आपका शरीर पत्थर से बना होगा। अब फालतू टाइम वेस्ट किए बिना सीधा टू द प्वाइंट कहां देखनी है। जवाब है g5 यहां मिल जाएंगे। आपको इंग्लिश सबटाइटल्स प्लीज हिंदी डबिंग का इंतजार मत करना, क्योंकि वह पक्का नहीं आने वाली एक से एक परसेंट रीमेक बनाया जाएगा। 


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